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RE: 1 तस्वीर, 1 कहानी

in Steem For Pakistan15 days ago (edited)

सच में यह स्टोरी बहुत दुखद है , अनुप्रिया ने जो इस महिला के लिए फील किया , वह वाकई में मार्मिक संवेदना है कि कैसे वह एक महिला रोज अपने मंगेतर का इंतजार कर रही है एयरपोर्ट पर । उसकी आंखें इंतजार करते-करते पत्थर हो गई है । किसी को इस स्थिति में देखना और महसूस करना ही वाकई में बहुत कष्टदायक है। उस महिला के दिल पर क्या बीत रही होगी। भगवान सब पर कृपा बनाए रखें, किसी के साथ ऐसा ना करे। आपने इस संवेदना को बहुत ही अच्छे से दर्शाया है, बहुत सुंदर वर्णन किया है।