Beautiful thoughts
सुपर को.. व्यक्ति को व्यभिचार का एटीएम लगातार दे रहा है ऐसे में स्वस्थ समाज और परिवार कहां बच पाएंगे लिव इन रिलेशनशिप आजादी स्वच्छंदता की पराकाष्ठा है पहले इस तरह के रिश्ते व्यभिचार की श्रेणी में आते थे आज सिंदूर स्टाम्प टिकट की तरह बन गया जैसा निर्णय अभी हाल में ही आया है कि ज्यादा उम्र के पति को छोड़कर नयी उम्र के लड़के के साथ रहने के लिए स्त्री को आजाद कर दिया जिम्मेदारी धर्म कर्म दायित्व सब दरकिनार कर दिया बस ख्वाहिश का ध्यान रखा।
शशिप्रभा --
